कृषि अधिकारियों ने किया सोयाबीन फसल का निरीक्षण, जारी की कृषकों को सोयाबीन फसल के लिए उपयोगी सलाह

सोयाबीन की फसल (Soybean Advisory) 40 से 45 दिन की हुई। इस समय किसानों को किन बातों पर जोर देना चाहिए। आइए आर्टिकल में जानते है सबकुछ…

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Soybean Advisory | देशभर में खरीफ सीजन की प्रमुख सोयाबीन की फसल लगभग 40 से लेकर 45 दिन के अवस्था में हो गई है। वर्तमान में सोयाबीन की फसल की स्थिति संतोषजनक है। कई जगहों पर डायगोनोस्टिक टीम समय-समय पर क्षेत्र भ्रमण कर रही है वर्तमान में फसल में कहीं पर भी कीट व्याधि का प्रकोप की स्थिति नहीं है। वर्तमान में फसल की आवश्यकता अनुसार वर्षा हो रही है। आज दिनांक तक जिले में 355 मि.ली. वर्षा हो चुकी है।

3 से 4 इल्लियां दिखने पर करें स्प्रे

किसान भाईयों को सलाह है कि अपने खेत की सतत निगरानी करें खेत में जा कर 3-4 पौधों को हिला कर देखे इल्ली/कीट का प्रकोप तो नहीं है। यदि कहीं पर 1 वर्ग मीटर में 3 से 4 इल्लीयां दिखाई दे तो कीटनाशक का स्प्रे करना चाहिए। जहाँ पर सोयाबीन की फसल घनी होने पर गर्डल बीटल (रिंग कटर) का प्रकोप संभव है। Soybean Advisory

इसकी पहचान पौधे पर 2 रिंग बने हुए दिखाई देगे व फसल लटकी हुई मुर्झाई देगी उसको तोड कर खेत से बाहर फेंक देवे। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार आगामी 2-4 दिनों में जिले में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।

किसान भाइयों को सलाह है कि जलभराव से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। यदि कहीं पर कीट व्याधि का प्रकोप दिखे तो निम्नानुसार दवाइयों का उपयोग करें। सोयाबीन की मुख्य बीमारियां राईजोटोनिया एरिअल ब्लाईट / एन्थ्राक्रोस / पीला मोजेक मुख्य रोग है। Soybean Advisory

रोग प्रबंधन हेतु सलाह

1. राईजोटोनिया एरिअल ब्लाईटः इस रोग के लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित फफूंद नाशक फ्लुक्सापग्रोक्साड + पायरोक्लोस्ट्रोबीन (300 ग्राम/हेक्टे) या पायरोक्लोस्ट्रोबीन इपोक्कोसीकोनाजोल (750 एम.एल./हेक्टेयर) का स्प्रे करें। Soybean Advisory

2. एन्थ्राक्रोसः- इस रोग के लक्षण दिखाई देने पर प्रारम्भिक अवस्था में ही इसके नियंत्रण हेतु टेबुकोनाजोल 10% + सल्फर 65% WG (1.25 किग्रा./हेक्टर) मैंकोजेब 63% WP (1.25 या कार्बेन्डाजिम 12% कि.ग्रा./हेक्टे) या टेबुकोनाजोल 25.9 EC (625 एम.एल./हेक्टेयर) का स्प्रे करें।

3. पीला मोजेक / सोयाबीन मोजेक इसके लक्षण दिखने पर प्रारम्भिक अवस्था में ही रोगग्रस्थ पौधों को उखाड़ कर खेत से बाहर कर देवें। इस रोग को फैलाने वाले वाहक सफेद मक्खी/एफीड है। इसके नियंत्रण हेतु पूर्व मिश्रित कीटनाशक आइसोसायक्लोसरम 9.2 WW.DC (10% W/V) DC (600 मिली/हे.) Soybean Advisory

वा थायोमिथोक्सम 12.60%+लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 09.50% जेड.सी. (125 मिली./हे.) या बीटासायफ्लुझिन इमिडाक्लोप्रिड (350 मिली./हे.) का छिड़काव करें। सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु किसान भाई अपने खेत में 20 से 25 स्थानों पर पीली ट्रेप भी लगाऐ।

कीट प्रबंधन हेतु सलाह

1. गईल बीटल (रिंग कटर) / पत्ती खाने वाली इल्लियों (सेमीलूपर / तम्बाकू/चने की हल्ली) तथा रस चूसने वाले कीट जैसे सफेद मक्खी/जड एवं तना छेदक कीट गर्डल बीटल से प्रभावित पौधे को प्रारंभिक अवस्था में ही तोड कर नष्ट कर देवें। इन कीटों के लक्षण दिखाई देने पर प्रारंभिक अवस्था में ही Soybean Advisory

इसके नियंत्रण हेतु थायक्लोप्रिड 21.7 एस.सी. (750 मिली/हे) या टेट्रानिलिप्रोल 18.18 एस.सी. (250-300 मिली/हे) या क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 9.30%+लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 09.50% जेड.सी. (125 मिली./हे.) या प्रोफेनोफॉस 50 ईसी (1) ली. है) या इमामेक्टीन बेन्जोएट (425 मिली / है) का छिड़काव पर्याप्त पानी की मात्रा (नेप्सेक स्प्रेयर या ट्रैक्टर चालित स्प्रयेर से 450 लीटर / है

पावर स्प्रेयर से 125 लीटर / है न्यूनतम) का उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी/कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र कृषि विभाग पर संपर्क कर सकते है। अन्य कृषि कार्य जो किसान भाई सोयाबीन फसल में कर सकते है। Soybean Advisory

सोयाबीन फसल के लिए किसानों को जरूरी सलाह

1. किसान भाइयों सोयाबीन की फसल में तीन दिन से अधिक जल जमाव नुकसानदायक होता है। अतिरिक्त या अधिक वर्षा होने की स्थिति में खेत से जल निकास की उचित व्यवस्था करें। Soybean Advisory

2. घनी फसल होने पर सोयाबीन फसल में गर्डल बीटल (रिंग कटर) का प्रकोप होने की अधिक संभावना होती है अतः सोयाबीन के तने पर 02 रिंग दिखाई देने पर ऐसी मुर्झाई। लटकी हुई ग्रसित पतियों को प्रारंभिक अवस्था में तोड कर खेत से बाहर करें।

3. अपने खेत की नियमित निगरानी करें एवं खेत में जाकर कही कही पर पौधों कर हिलाकर सुनिश्चित करें की आपके खेत में कीट । इल्ली का प्रकोप हुआ है या नहीं यदि 1 वर्ग मिटर में 3-4 इल्ली दिखे तो उपरोक्त अनुसार कीट नियंत्रण करें। Soybean Advisory

4. सोयाबीन की फसल में पक्षियों के बैठने हेतु T आकार के बर्ड प्रचेस लगाएं जिस पर पक्षी हानिकारक कीट / इल्ली को खाकर कीट की संख्या कम करेंगे। किसान भाइयों जब भी किसी भी प्रकार की कृषि आदान (उर्वरक / बीज/कीटनाशक) सा तो संबंधित दुकान से पक्का बिल जरूर लेवें।

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