किसान साथी Rabi Season में गेहूं की फसल में होने वाली लोहे की कमी एवं बोनेपन की समस्या का समाधान इस प्रकार करें..
👉 व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
Rabi Season | रबी फसल में खासकर गेहूं की बुवाई लगभग खत्म हो चुकी है किसान गेहूं की फसल में सिंचाई कर रहे हैं सिंचाई के लिए नदी को तालाब के साथ-साथ ट्यूबवेल के पानी का भी उपयोग किया जा रहा है। सिंचाई के लिए छोड़े गए पानी से भी फसलों में बीमारियां होती है।
जो किसान ट्यूबवेल से गेहूं की फसल में सिंचाई करते हैं उनके लिए यह जानना जरूरी है कि ट्यूबवेल के पानी से गेहूं की फसल में कौन-कौन सी बीमारियां होती है एवं उनकी रोकथाम करने के लिए क्या किया जाए। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई करने पर गेहूं में लोह तत्व की कमी हो जाती है जिसके कारण फसल में बोनेपन की समस्या पनपने लगती है इस समस्या का समाधान कैसे करें आइए जानते हैं..
यह है गेहूं में पत्तियां पीली पड़ने का कारण
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गेहूं में लोहे की कमी में नीचे की पत्तियां हरी तथा नई निकलने वाली पत्तियां पीली धारीदार या पूर्णतया पीली हो जाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह ट्यूबवेल के पानी में बाइकार्बोनेट की अधिकता के कारण होता है। Rabi Season
पत्तियां पीली पड़ने की समस्या का ऐसे करें निदान
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने बताया कि इसके उपचार के लिए गेहूं की फसल पर 0.5 प्रतिशत फैरस सल्फेट घोल के 8-10 दिन के अंतर पर लगातार 2-3 छिड़काव करें। बाइकार्बोनेट को उदासीन करने के लिए पानी की जांच करवाकर आवश्यकता अनुसार जिप्सम डालें। फैरस सल्फेट को हरा कसीस के नाम से भी जाना जाता है। Rabi Season
यह हरे रंग का होना चाहिए लाल रंग का नहीं, छिड़कने से लाभ नहीं होगा। क्योंकि इस रंग के गुरुग्राम और महेंदगढ़ जिलों में मोल्या नामक बीमारी के कारण खेत में कहीं-कहीं पौधे बौने, पीले व सूखे से दिखाई देते हैं। Rabi Season
इनसे बचाव के लिए ऐसे खेतों में गेहं न लेकर जौ की रोगरोधी किस्म सी- 164, सरसों, चना या बाजरा लें, जिससे कि खेत में सूत्रकृमियों की संख्या घटती रहे। जिन खेतों में यह समस्या गंभीर हो रही है उस खेत में बिजाई से पूर्व 13 किलोग्राम फ्यूराडान 3 जी प्रति एकड़ मिला दें। ऐसे खेतों में गेहूं की बिजाई 15 नवंबर से पहले करना भी ठीक है। Rabi Season
एक खरपतवारनाशक का प्रयोग बेहतर
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक गेहूं की फसल में क्लोडीनाफोप टोपिक या मुल्ला या प्वाइंट या क्षप्लस या जय विजय या टोपल 15% घुपा 160 ग्राम प्रति एकड़ बिजाई के 30-35 दिन बाद करें। या सल्फोसल्फ्यूरान (लीडर, सफल 75 या एसएफ-10) 75 प्रतिशत घुपा 13 ग्राम प्रति एकड़ 500 मिली पृष्ठ सक्रिय क्रमक/ Rabi Season
चिपचिपा या सहायक पदार्थ बिजाई के 30 से 35 दिन बाद या फीनोक्साप्रोप (पूमा सुपर) 10 प्रतिशत ईसी 480 मिली या फीनोक्साप्रोप पूमा पावर 400 ग्राम $200 ग्राम सहायक पदार्थ प्रति एकड़ बिजाई के 30 से 35 दिन बाद या पीनोक्साडैन (एक्सियल) 5 प्रतिशत ई.सी. 400 मिली मात्रा प्रति एकड़ बिजाई के 30-35 दिन बाद करें।
मिले-जुले खरपतवारों से बचाव के लिए यह करें
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि गेहूं में मिले-जुले खरपतवारों चौड़ी व संकरी पत्तियों वाले विशेषकर आइसोप्रोट्यूरान प्रतिरोधी क्षेत्रों में टोटल सल्फोसल्फ्यूरान S मैटासल्फ्यूरान, रेडीमिक्स सहायक पदार्थ सहित की 16 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ या
एटलांटिस मिजोसल्फ्यूरान $ आयडोसल्फ्यूरान सहायक पदार्थ सहित तैयार मिश्रण की 160 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ या वेस्टा क्लोडिनाफोप $ मैटसल्फ्यूरान, रेडीमिक्स की 160 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग करें। Rabi Season
गेहूं की बिजाई यदि दिसंबर के प्रथम सप्ताह या बाद में हो तो आईसोप्रोटूरा 200 ग्राम प्रति एकड़ पहली सिंचाई के तुरंत पहले करने से जंगली जई, कनकी व बथुआ का नियंत्रण हो जाता है।
धान-गेहूं फसल चक्र वाले क्षेत्रों में जहां 10-15 वर्षों से आईसोप्रोटूरान का प्रयोग किया गया है वहां कनकी में इस खरपतवारनाशक के विरुद्ध प्रतिरोधकता आ गई है। Rabi Season
कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।
👉 व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
यह भी पढ़िए…👉 गेहूं के अधिक उत्पादन के लिए ध्यान देने योग्य बातें, देखें भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की सलाह..
👉 बढ़ेगा गेहूं का उत्पादन, खरपतवार एवं सिंचाई प्रबंधन के लिए यह सावधानी जरूर रखें किसान…
👉जबरदस्त फुटाव और गर्मी को भी सहन करके बम्पर पैदावार देने वाली गेहूं की नई किस्म तैयार, पड़े डिटेल..
प्रिय किसानों…! 🙏 Choupalsamachar.in में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें.