मध्य प्रदेश में पेंसिल पेंसिल मटर की देशी किस्म (Pencil Peas New Variety) तैयार तैयार हो गई है आईए जानते हैं डिटेल..
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Pencil Peas New Variety | मध्य प्रदेश के कई जिलों में रवि सीजन के दौरान मटर की खेती होती है मटर की सबसे अधिक पैदावार देने वाली किस्म के रूप में पेंसिल मटर मशहूर है। यह वैरायटी विदेशी है। यही कारण है कि इसका बीज आयात करना होता है। इसलिए इसके बीज के भाव देसी मटर के बीज भाव की तुलना में अधिक होते हैं।
इतना ही नहीं किसानों को प्रतिवर्ष हाइब्रिड वैरायटी होने के कारण बीज को खरीदना पड़ता है। किसानों की इसी परेशानी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक चार साल से लगातार प्रयासरत थे की पेंसिल मटर का देसी बीज तैयार किया जाए, जिससे किसानों को पेंसिल मटर के देसी बीज की उपलब्धता सही तरीके से हो सके और फायदा मिले।
कृषि वैज्ञानिकों की यही मेहनत अब जाकर रंग लाई है। कृषि वैज्ञानिकों ने मटर का पेंसिल मटर का देसी बीज तैयार कर लिया है, अगले वर्ष से इसकी उपलब्धता हो जाएगी, Pencil Peas New Variety आईए जानते हैं पूरी डिटेल..
जबलपुर में तैयार हुई पेंसिल मटर की देसी वैरायटी
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में पेंसिल मटर की देशी किस्म को सफलतापूर्वक विकसित कर लिया गया है। इससे न केवल स्थानीय किसानों को फायदा होगा बल्कि विदेशी बीजों पर निर्भरता को कम करने की दिशा में भी मदद मिलेगी। Pencil Peas New Variety
इस साल बड़ी संख्या में पेंसिल मटर की देशी किस्म को किसानों द्वारा जिले में लगाया गया है और व्यावसायिक खेती का रूप लेना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि विदेशों से आयतित होने वाले बीज में दोष होने के कारण कई बार फसलों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
4 साल तक चला ट्रायल
जबलपुर जिले में पेसिल मटर की देशी किस्म को तैयार करने के लिए 4 सालों तक ट्रायल चला। सर्वप्रथम जिले के निरंदपुर गांव में इसका प्रयोग किया गया। पहले 2 वर्ष सीमित क्षेत्र में प्रायोगिक तौर पर फसल लगाई गई, जहां मिट्टी, जलवायु और उत्पादन क्षमता का अध्ययन किया गया। 1 वर्ष बीज सुधार और चयन की प्रक्रिया अपनाई गई, जबकि 4 वर्ष बीजों को और अधिक शुद्ध कर बड़े स्तर पर बोवनी की गई। Pencil Peas New Variety
नाम मिला देशी किस्म वीएल 13 एवं वीएल-15
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि किसान विदेश से आयातित बीजों पर निर्भर हैं। एस-10, अरली बेजर जैसी कई तरह के विदेशी वैराइटी का उपयोग हो रहा है। ऐसे में बीजों के साथ रोग लगने की संभावना भी रहती थी। इसके अलावा हर साल नए बीज खरीदने से लागत भी बढ़ती है। देशी किस्म वीएल 13 एवं वीएल-15 के स्थानीय स्तर पर तैयार होने से इसकी उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। Pencil Peas New Variety
यह पैदावार रहेगी प्रति एकड़
कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के विशेषज्ञ एवं बोर्ड सदस्य डॉ. ब्रजेश अरजरिया के अनुसार पेसिंल मटर की देशी किस्म लंबे प्रयासों के बाद इस साल तैयार की गई है। इससे बाहर से आयतित बीजों पर निर्भरता घटेगी। Pencil Peas New Variety
डॉ. अरजरिया अपने बताया कि मटर की यह नई किस्म की रोग प्रतिरोधी क्षमता अधिक है इससे इस वैरायटी में रोग की संभावना भी कम होगी। इस किस्म में प्रति एकड़ 50-55 क्विंटल तक उत्पादन क्षमता सामने आई है। Pencil Peas New Variety
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