डीएपी के लगातार प्रयोग से होने वाले साइड इफेक्ट DAP (Fertilizer Side Effect) और इसे कम करने के उपाय जानिए..
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DAP Fertilizer Side Effect | केंद्र सरकार द्वारा खेती में उर्वरकों के प्रयोग को लेकर किए गए सर्वे की रिपोर्ट हाल ही में आई है इस रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यूरिया एवं डीएपी के खपत की मात्रा पिछले कुछ सालों के दौरान लगातार बड़ी है। इसका असर जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।
रिपोर्ट के मुताबिक डीएपी के लगातार प्रयोग से जमींन बंजर होती जा रही हैं। ऐसे में अब किसानों को धीरे-धीरे उर्वरकों की मात्रा काम करना होगी। हालांकि इसके परिणाम स्वरुप पैदावार पर असर पढ़ने की संभावना है। ऐसी स्थिति में क्या पैदावार पर असर पड़े बिना उर्वरक की मात्रा कम की जा सकती है एवं आगे क्या स्थिति फायदेमंद रहेगी DAP Fertilizer Side Effect आइए जानते हैं..
मिट्टी में डीएपी को कम कैसे करें
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक npk कंसोर्शिया और पीएसबी (फोस्फोरस सोल्यूबलाइजिंग बैक्टेरिया) – का घोल तैयार करके मिट्टी में डाले जिससे पौधों को फोस्फोरस आसानी से मिल जाएं। DAP Fertilizer Side Effect
इसके साथ ही मिनरल कैल्शियम बोरेट – यह एक नेचुरल प्रोडक्ट हैं जिस में 6 पोषक तत्व होते हैं पहले पांच आते थे अब फोस्फोरस को और जोड़ दिया गया हैं। यह आराम से पौधों को मिलता हैं। इसको कोशिश करें कि बिजाई के समय डालें। पहले पानी पर इसे डाल सकते हैं उसके बाद इसका प्रयोग ना करें।
वहीं एंडोमाइकोराइजा एक अच्छी फंगस हैं जो पौधों की जड़ो के ऊपर लग जाती हैं और जड़ो का एरिया बढ़ा देती हैं। जिस से फोस्फोरस, जिंक की उपलब्धता बढ़ जाती हैं। यह जमींन में नमीं को बनाएं रखती हैं। हल्की मिट्टी के लिए यह वरदान हैं। DAP Fertilizer Side Effect
(नोट – मिनरल कैल्शियम बोरेट और एंडोमाइकोराइजा को बिजाई के समय डालने पर हम आसानी से 35 से 40 प्रतिशत तक डीएपी को कम कर सकते हैं और आसानी से मिट्टी को बंजर होने से रोक सकते हैं।)
जैविक खेती क्यों है जरूरी
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि जितने भी फोस्फेट होते हैं वो हमारी मिट्टी का पीएच मान बढ़ाने का काम करते है। जितना पीएच मान बढ़ेगा उतने ही पोशाक तत्वों की आवश्यकता फसल को होगी। DAP Fertilizer Side Effect
हम पोषक तत्व की पूर्ति के लिए अतिरिक्त उर्वरक डालना होंगे। जिसके परिणाम स्वरूप पुनः पीएच मान में वृद्धि होगी और एक समय ऐसा आएगा कि जब पीएच मान इतनी बढ़ जाएंगी कि चाहे हम कुछ डालें लेकिन पौधे को पोषक तत्व उपलब्ध नहीं होगें।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार फोस्फेट का मतलब हैं कि पौधा फोस्फोरस को फोस्फेट फार्म में लेता हैं जैसे सल्फर को सल्फेट, नाइट्रोजन को नाइट्रेट फार्म में लेता हैं। फोस्फेट यानि कि डीएपी (डाई अमोनियम फोस्फेट), SSP ( सिंगल सुपर फोस्फेट) आदि खाद मिट्टी में मौजूद अन्य पोषक तत्वों के साथ मिलकर कंपाउंड बना लेती हैं जिसकी वजह से पौधे को पोषक तत्व उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। DAP Fertilizer Side Effect
यहीं कारण हैं कि डीएपी सिर्फ 20 प्रतिशत ही पौधे को उपलब्ध हो पाती हैं बाकि फिक्स हो जाती हैं और धीरे धीरे पीएच मान बढ़ाने का काम करती हैं। जितनी पीएच बढ़ेगी उतनी जमींन बंजर होने की तरफ जाती जाएंगी। DAP Fertilizer Side Effect
कृषि वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ इसे खतरनाक मानते हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि जमीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती अत्यधिक आवश्यक है।
जहां हल्की मिट्टी हैं और पीएच 8 से ज्यादा हैं वहां SSP बिल्कुल भी ना डालें, क्योंकि SSP की मात्रा ज्यादा डालनी पड़ती हैं। आपको उतनी ही पैदावार के लिएं हर साल 10 प्रतिशत SSP की मात्रा बढ़ानी पड़ेगी। DAP Fertilizer Side Effect
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