बीच में रुकी बारिश के कारण फसलें हुई प्रभावित, केवीके किसानों को बता रहा उपचार

Krishi Advisory : मूंग, उड़द व सोयाबीन में लग गया पीला मोजेक रोग, मक्का को चट कर रही तना छेदक इल्ली। जानें उपयोगी सलाह।

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Krishi Advisory | बारिश की वापसी से भले ही थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों के किसानों पर मौसम की दोहरी मार पड़ी है। रुक-रुककर हो रही बारिश और बीच में बढ़ी उमस ने फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसी खरीफ फसलें पीला मोजेक रोग की चपेट में आ गई हैं, जबकि मक्का में तना छेदक इल्ली का प्रकोप बढ़ गया है। इससे फसलों के उत्पादन पर संकट गहरा गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। : Krishi Advisory

अब बारिश होने से निश्चित ही इस बारिश से फसलों को फायदा होगा। लेकिन अगस्त के शुरुआती दिनों में रुकी बारिश के कारण फसलों पर जो कीट लगे हैं उसे नष्ट करना किसानों के सामने बड़ी चुनौती है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके यादव खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देख रहे हैं। उनका कहना है मूंग, उड़द और सोयाबीन में पीला मोजेक रोग लग गया है। किसानों से चर्चा कर वे इसका उपचार बता रहे हैं।

उन्होंने बताया वे ग्राम छोटा ठंडवा, खंडाला, कवठु, खट्टाली सहित कई गांवों के खेतों में फसलों की स्थिति देखने पहुंचे। मक्का में उन्हें तना भेदक इल्ली दिखाई दी। जबकि पीला मोजेक रोग अधिकतर जगहों पर देखने को मिल रहा है। मूंग और उड़द में पीला मोजेक का प्रकोप बढ़ रहा है। : Krishi Advisory

सोयाबीन की फसल भी इससे अछूती नहीं है। कृषि वैज्ञानिक मान रहे हैं कि कई खेतों में स्थिति खतरनाक हो चुकी है। कुछ खेतों में पीला मोजेक का प्रकोप अधिक मिला, जबकि कुछ में शुरुआती दौर में प्रकोप है। इससे बचाव के लिए किसानों को सलाह के साथ उपचार के तरीके बताए हैं।

कृषकों को कीट और बीमारियों के लिए सलाह

• मक्का में तना छेदक इल्ली के नियंत्रण के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट 5 प्रतिशत एसजी की 0.4 ग्राम या स्पाइनोसेंड की 0.3 मिली या थाइमेथोक्जम 12.6 प्रतिशत + लेम्डा साइहेलोविन 9.5 प्रतिशत की 0.5 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। : Krishi Advisory

• मूंग, उड़द एवं सोयाबीन फसल में पीला मोजेक बीमारी से बचाव के लिए जिस खेत में संक्रमित पौधों की संख्या कम है उन्हें उखाड़कर खेतों से बाहर फेंके। खेत में जगह-जगह पर पीला चिपचिपा ट्रैप लगाएं। जिससे इसका संक्रमण फैलाने वाली सफेद मक्खी का नियंत्रण होने में सहायता मिलें। : Krishi Advisory

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• खेत में सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए अनुशंसित पूर्व मिश्रित सम्पक रसायन जैसे बीटासायफ्लुथ्रिन एमीडाक्लोप्रिड (350 मिली/है) या पूर्व मिश्रित थायोमिथाक्सम + लैम्बडा सायहेलोथ्रिन (125 मिली/ है.) का छिड़काव करें जिससे सफेद मक्खी के साथ-साथ पत्ती खाने वाले कीटों का भी एक साथ नियंत्रण हो सकें। : Krishi Advisory

बचाव के उपाय बता रहे हैं : केवीके प्रमुख वैज्ञानिक

कृषि विज्ञान केंद्र, आलीराजपुर के कृषि वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. आरके यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मूंग, उड़द और सोयाबीन के कई खेतों में पीला मोजेक रोग देखा जा रहा है। जबकि मक्का में तना छेदक इल्ली नजर आ रही है। खेतों में जाकर किसानों को फसलों को बचाने के उपाय बता रहे हैं। साथ ही उन्हें कौन सी दवाई का छिड़काव करना है यह भी बताया जा रहा है। : Krishi Advisory

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