अगेती मटर और अश्वगंधा के बंपर उत्पादन के लिए उन्नत किस्मों की बुवाई का यह उपयुक्त समय

अगर आप भी मटर (Pea Cultivation) या अश्वगंधा की खेती से बंपर उत्पादन लेना चाहते है तो, जाने कृषि विभाग की यह आवश्यक सलाह।

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Pea Cultivation | जिन क्षेत्रों में सोयाबीन, मूंग, उड़द व मक्का की फसल की कटाई हो रही है व जिन क्षेत्रों में सोयाबीन-मटर – गेहूं या सोयाबीन-मटर – ग्रीष्मकालीन मूंग फसल चक्र का उपयोग किया जाता है, उन क्षेत्रों में किसान भाई मटर की अगेती किस्मों (Pea Cultivation) की बुवाई करें।

मटर की उन्नत किस्में

शीघ्र पकने वाली प्रजातियां – ये किस्में बुवाई के बाद लगभग 60 से 65 दिन में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं- आर्किल, जवाहर मटर-3, पंत मटर-2, पी.एस.एम.-5, काशी नंदिनी, काशी अगेती। : Pea Cultivation

मध्य अवधि में पकने वाली प्रजातियां- ये किस्में बुवाई के बाद लगभग 85 से 90 दिन में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं- बोनविले, काशी शक्ति, जवाहर मटर-4, आजाद मटर-3।

देरी से पकने वाली प्रजातियां- ये किस्में बुवाई के बाद लगभग 100 से 110 दिन में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं आजाद मटर-1, जवाहर मटर-2.

बुवाई का समय | Pea Cultivation

मटर की जल्दी पकने वाली प्रजातियों को सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक बुवाई करें एवं मध्यम व देर से पकने वाली प्रजातियों को अक्टूबर के द्वितीय सप्ताह में बुवाई करें।

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बीज की मात्रा

मटर की शीघ्र पकने वाली प्रजातियों का बीज दर 100 से 120 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, मध्यम व देर से पकने वाली प्रजातियों का बीज दर 80 से 90 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रखें।

बीज उपचार | Pea Cultivation

मटर के बीज को बुवाई पूर्व फफूंदनाशक दवा कार्बेन्डाजिम + मैन्कोजेब 2 ग्राम प्रति किलो बीज दर से उपचारित करें उसके पश्चात राइजोबियम कल्चर 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें।

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खाद व उर्वरक

खेत में अंतिम बखरनी करते समय 15 से 20 टन प्रति हेक्टेयर अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद डालें व रासायनिक खाद यूरिया 40 किलोग्राम, सिंगल सुपर फास्फेट 375 किलोग्राम एवं म्यूरेट ऑफ पोटाश 50 किलोग्राम बुवाई के समय दें। : Pea Cultivation

अश्वगंधा की खेती

अश्वगंधा की खेती के लिए बलुई दोमट से हल्की रेतीली मिट्टी उपयुक्त है, खेत की 2 से 3 बार कल्टीवेटर से जुताई कर खेत को अच्छी तरह से समतल बना लें। अश्वगंधा की उन्नत किस्म जवाहर अश्वगंधा- 20, जवाहर अश्वगंधा- 135, राजविजय अश्वगंधा- 90, पोषिता, सिम्पुष्टि का चयन करें। बीज की बुवाई यदि छटकवा विधि से की जाये तो ज्यादा बीज की आवश्यकता होती है, लेकिन कतार में बुवाई के लिए 4 से 5 किलो बीज प्रति एकड़ के लिए पर्याप्त होता है। : Pea Cultivation

कतार से कतार की दूरी 22 से 25 सेमी व पौध से पौध की दूरी 4 से 6 सेमी एवं बीज की गहराई 2 से 3 सेमी से अधिक न रखें। खेत की तैयारी के समय अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद 8 से 10 क्विंटल प्रति हैक्टेयर की दर से उपयोग करें। आमतौर पर एक हैक्टेयर क्षेत्रफल से 3 से 5 क्विंटल जड़ें प्राप्त होती हैं।

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