यूरिया की जगह इस खाद के उपयोग से मिलेगी बंपर पैदावार, कृषि विभाग ने किसानों को दी सलाह

यूरिया की जगह किस खाद (Best Fertilizer) का इस्तेमाल कर सकते है किस। आइए आर्टिकल में जानते है सबकुछ।

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Best Fertilizer | भारत में फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए किसान आमतौर पर यूरिया का उपयोग करते है। पौधों में नाइट्रोजन की पूर्ति करने के लिए यूरिया दशकों से किसानों की पहली पसंद रहा है, लेकिन इसका अंधाधुंध उपयोग उपजाऊ मिट्टी के लिए नुकसानदक है। लगातार यूरिया के प्रयोग से मिट्टी कठोर हो रही है, उत्पादन लागत बढ़ रही है, और अंततः फसल की पैदावार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों को एक विशेष वैकल्पिक खाद (Best Fertilizer) के उपयोग की सलाह दी है, जो न केवल यूरिया से होने वाले नुकसानों से बचाएगी बल्कि बंपर पैदावार और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार भी सुनिश्चित करेगी। यह कौन सी खाद है और इसका उपयोग कैसे करना है। आइए जानते हैं सबकुछ…

कृषि वैज्ञानिक की सलाह – यूरिया की जगह अमोनियम सल्फेट का प्रयोग करें

1. यूरिया की एक बोरी में 20.7 किलो नाइट्रोजन पायी जाती है परन्तु केवल 20-25% प्रयोग के कारण इसका केवल 4-5 किलो नाइट्रोजन प्रयोग होता है। : Best Fertilizer

2. यूरिया में नाइट्रोजन एमाइड फार्मेट में आता है। इसके उपयोग के बाद 3 से 7 दिन में यह नाइट्रेट में परिवर्तित हो जाता है।

3. खेत में केवल 20-30% तक ही उपयोग होती है बाकी जल व वायु में मिल जाती है।

4. सल्फर की मात्रा शून्य है।

5. एक एकड़ में एक बोरी डाली जाती है तथा 5 किलो अतिरिक्त सल्फर का व्यय जोड कर प्रति एकड़ लागत लगभग 615/-आती है।

6. वातावरण को अत्यधिक प्रदूषित करता है।

7. लगातार प्रयोग से खेत की उत्पादकता कम होती है। : Best Fertilizer

अमोनियम सल्फेट से बढ़ेगी फसलों की पैदावार

1. अमोनियम सल्फेट में 10.5 किलो नाइट्रोजन व सल्फर 11.5 किलो पाया जाता है। इसका 80-90% प्रयोग के कारण 8.5-9 किलो नाइट्रोजन प्रयोग होता है।

2. अमोनियम सल्फेट में नाइट्रोजन अमोनियम फार्मेट में आता है जिससे यह खेत में धीरे-2 घुलता है और 30-40 दिन तक इसकी नाइट्रोजन कार्य करती है।

3. खेत में 80-90% तक उपयोग होती है। जिससे ज्यादा दिन तक फसल की नाइट्रोजन की पूर्ति होती है। : Best Fertilizer

4. 11.5 किलो सल्फर की वजह से अतिरिक्त सल्फर नहीं डालना पड़ता।

5. प्रति एकड़ 25 किलो का प्रयोग होता है जिसकी लागत 475/- है।

6. वातावरण में प्रदूषण नहीं फैलाता।

7. अमोनियम सल्फेट के प्रयोग से उत्पादकता में 20-25% की बढ़ोत्तरी होती है।

किसान भाइयों से यही निवेदन है कि यदि यूरिया खाद मिल नहीं रही तो आप अमोनियम सल्फेट अपनी फसल में बढ़ोत्तरी व वातावरण शुद्ध रखने के लिए यूरिया के स्थान पर प्रति एकड़ 25 से 50 किलो अमोनियम सल्फेट प्रयोग करें। इससे आपकी उत्पादकता बढ़ेगी एवं आपको यह यूरिया से कम लागत में भी पड़ेगा। और यूरिया का बेस्ट ऑप्शन (Best Fertilizer) है।

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फसलों में उर्वरक की जरूरत की गणना कैसे करें?

Best Fertilizer | फसलों को सही मात्रा में उर्वरक (खाद) देना बहुत जरूरी है। इससे फसल अच्छी होती है, पैसा बर्बाद नहीं होता और मिट्टी भी स्वस्थ रहती है। उर्वरक की मात्रा फसल की जरूरत, मिट्टी की हालत और उर्वरक में मौजूद पोषक तत्वों के आधार पर तय की जाती है। आइए इसे आसान तरीके से समझें :-

फसल को कितने पोषक तत्व चाहिए? (प्रति हेक्टेयर) :-

  • नाइट्रोजन (N): 150 किलो
  • फॉस्फोरस (P₂O₅): 60 किलोमीटर
  • पोटैशियम (K₂O): 40 किलो

Best Fertilizer | आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले उर्वरक

  • यूरिया: इसमें 46% नाइट्रोजन होता है।
  • DAP (डाई-अमोनियम फॉस्फेट): इसमें 18% नाइट्रोजन और 46% फॉस्फोरस होता है।
  • MOP (म्यूरेट ऑफ पोटाश): इसमें 60% पोटैशियम होता है।
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Best Fertilizer | उर्वरक की मात्रा कैसे निकालें?

1. DAP से फॉस्फोरस की जरूरत : फसल को 60 किलो फॉस्फोरस चाहिए। DAP में 46% फॉस्फोरस है, तो:

60 ÷ 46 × 100 = 130 किलो DAP

इससे नाइट्रोजन भी मिलेगा: 130 × 18 ÷ 100 = 23.4 किलो नाइट्रोजन

2. यूरिया (Best Fertilizer) से नाइट्रोजन की जरूरत : फसल को 150 किलो नाइट्रोजन चाहिए, जिसमें से 23.4 किलो DAP से मिल गया। बाकी नाइट्रोजन = 150 – 23.4 = 126.6 किलो

यूरिया में 46% नाइट्रोजन है, तो: 126.6 ÷ 46 × 100 = 276 किलो यूरिया

3. MOP से पोटैशियम की जरूरत : फसल को 40 किलो पोटैशियम चाहिए। MOP में 60% पोटैशियम है, तो :

40 × 100 ÷ 60 = 67 किलो MOP

प्रति हेक्टेयर कुल उर्वरक | Best Fertilizer

  • यूरिया: 276 किलो
  • DAP: 130 किलो
  • MOP: 67 किलो

उर्वरक डालने का सही तरीका

– रोपण के समय: सारा DAP और MOP डाल दें।

– यूरिया का बंटवारा: यूरिया को तीन बराबर हिस्सों में बांटें और अलग-अलग समय पर डालें।

– मिट्टी को और बेहतर करें: गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालें।

– पानी का ध्यान रखें: उर्वरक अच्छे से काम करे, इसके लिए मिट्टी में नमी होनी चाहिए।

– मिट्टी की जांच: हर साल मिट्टी का टेस्ट करवाएं, ताकि सही मात्रा में उर्वरक डाल सकें। : Best Fertilizer

सही उर्वरक से फसलों को फ़ायदा

– सही उर्वरक और सही समय पर डालने से फसल स्वस्थ रहेगी।

– ज्यादा उपज मिलेगी और मिट्टी लंबे समय तक अच्छी बनी रहेगी।

– पैसे की बचत होगी, क्योंकि उर्वरक बर्बाद नहीं होगा। : Best Fertilizer

इस तरह आप आसानी से अपनी फसल के लिए सही उर्वरक की गणना और इस्तेमाल कर सकते हैं।

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