अगर आप भी खरीफ फसलों के बाद रबी सीजन में सरसों की खेती (Mustard Crop) कर रहे है और बढ़िया पैदावार लेना चाहते है, तो आइए जानते है कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।
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Mustard Crop | रबी में सरसों की बुवाई मुख्य रूप से होती है। विभिन्न विधियों का समन्वित प्रबंधित कर राई सरसों की पैदावार में डेढ़ से दो गुना बढ़ोतरी की जा सकती है। यह फसल समतल और अच्छे जल निकास वाली बलुई दोमट से दोमट मिट्टी में अच्छी उपज देती है। अच्छी पैदावार के लिए ठीक से खेत तैयार करना जरूरी है ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए।
खरपतवार नष्ट करने व नमी बनाए रखने के लिए मिट्टी पलटने वाली हल से एक गहरी जुताई करें। जुताई के तुरन्त बाद पाटा लगाएं। बुवाई से पहले कल्टीवेटर से दो आड़ी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना दें। खेत में ढेले नहीं हो। क्योंकि इससे नमी तेजी से घट जाती है। बुवाई से पहले भूमि में नमी की कमी है तो खेत में फ्लेवा करना चाहिए। Mustard Crop
सिंचित व समय से बुवाई के लिए उन्नत किस्में
सिंचित व समय से बुवाई के लिए : गिर्राज, बी.पी.एम.- 1825, आर. एच. 1975, आर. एच. 749, पी.एम.- 37 तथा संकर सरसों में एन. आर. सी. एच. बी. 506, आर. एच. एच. 2101 उपयुक्त किस्में हैं। Mustard Crop
बारानी / असिंचित क्षेत्र के लिए : आर.एच.-725, आर.एच.-1424, आर.जी.एन.- 298 उपयुक्त किस्में हैं। डी. आर. एम. आर.-1165-40, आर.एच.- 761, आर. एच.-406,
लवणीय व क्षारीय भूमि के लिए : सी. एस. 58 एवं सी. एस. 60 उपयुक्त किस्में हैं। Mustard Crop
अगेती बुवाई के लिए : पी.एम.- 25, पी.एम.- 27, पी.एम.-28, पूसा तारक, पी. आर. 2006-1 उपयुक्त किस्में हैं।
देरी से बुवाई के लिए : बृजराज, राधिका, बी.पी.एम.-11, एन. आर. सी. एच. बी.- 101, आर. जी. एन. – 236, आर. बी. एम. -2, उपयुक्त किस्में हैं। Mustard Crop
बुवाई के लिए बीज दर
पंक्ति में बोई गई सिंचित फसल के लिए बीज दर 25-3.5 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर पर्याप्त होती है। बारानी, लवणीय अथवा क्षारीय क्षेत्रों में सिंचित क्षेत्रों की तुलना में 25 प्रतिशत ज्यादा बीज बोनी चाहिए। Mustard Crop
बीजोपचार इस प्रकार करें..
बुवाई के लिए साफ, स्वस्थ एवं रोगमुक्त प्रमाणित बीज ही उपयोग करें। तना गलन की बीमारी की संभावना वाली जगहों पर कार्बन्डाजीम (बावस्टीन) की 2 ग्राम मात्रा प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें। सफेद रोली प्रभावित क्षेत्रों में एप्रन (एस. डी. 35) 6 ग्राम कवकनायक प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीजोपचार करें। Mustard Crop
अन्य में बीज को कार्बन्डाजीम (बावस्टीन) 150 ग्राम और मैन्कोजेब 1.50 ग्राम मिलाकर प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें। मृदाजनित रोगों की रोकथाम के लिए बीज को ट्राइकोडर्मा नामक फफूंद से 6 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें।
प्रारंभिक अवस्था में चितकबरा कीट अथवा पेंटेड बग से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड 70 डब्लू. पी. 7 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित कर बुवाई करें। Mustard Crop
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