प्याज के कम दाम मिलने से किसान हुए बेहाल, लागत भी नहीं निकल पा रही, देखें प्याज भाव की जानकारी..

इन दिनों कृषि उपज मंडियों में प्याज के भाव (Onion Price) की क्या स्थिति है एवं आगे क्या संभावना रहेगी, आइए जानते हैं

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Onion Price | महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में प्याज की सबसे अधिक पैदावार होती है। प्याज की खेती करने वाले किसान इन दोनों प्याज के भाव को लेकर बेहाल हो रहे हैं। प्रदेश में प्याज किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंडियों में लगातार कमजोर भाव के कारण किसानों को अपनी उपज की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि अब प्याज की खेती करना घाटे का सौदा बन चुका है।

एमपी में लागत भी नहीं निकल रही

मध्य प्रदेश के कई जिलों की मंडियों में प्याज के दाम 500 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच ही सिमटे हुए हैं, जबकि किसानों के अनुसार, प्याज की खेती में प्रति क्विंटल औसतन 2200 से 2500 रुपये तक की लागत आती है। इसमें बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी और ढुलाई का खर्च शामिल है। ऐसे में जब मंडी में दाम लागत से आधे भी नहीं मिल रहे हैं तो किसान आर्थिक दबाव में आ रहे हैं। Onion Price

महाराष्ट्र की मंडियों में प्याज के दाम में सुधार

मध्य प्रदेश में प्याज के दाम स्थिर बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र की मंडियों में पिछले कुछ दिनों से प्याज की कीमतों में सुधार देखने को मिल रहा है। लंबे समय बाद यह सुधार ऐसे समय आया है, जब बांग्लादेश ने अपना प्याज बाजार खोल दिया है। Onion Price

पिछले सप्ताह वहां निर्यात के लिए खेप भेजी गई, जिससे मांग में इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर महाराष्ट्र की प्रमुख मंडियों पर पड़ा है। जहां दाम 1800 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचते दिख रहे हैं।

प्याज निर्यात से भाव में आई मजबूती

भले ही मध्‍य प्रदेश की मंडियों में प्याज के भाव अभी भी दबाव में हैं, जहां अधिकांश जगह औसत कीमतें 300 से 900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बनी हुई हैं। ऊंचे अधिकतम भाव के बावजूद कुल मिलाकर किसानों की बड़ी आवक कम दामों पर ही बिक रही है, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। Onion Price

लेकिन इसके विपरीत महाराष्ट्र की मंडियों में लंबे समय बाद प्याज के दामों में सुधार हो रहा है। महाराष्ट्र की मंडियों में औसत भाव 1700 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। निर्यात मांग के चलते कुछ प्रमुख मंडियों में ऊपरी स्तर के भाव 3000 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक जाने से बाजार में फिलहाल मजबूती दिख रही है।

क्या एमपी की मंडियों में भी बढ़ेंगे भाव,

मंडी के जानकारों के मुताबिक, प्याज की कीमतें काफी हद प्याज की क्वालिटी पर निर्भर करती है महाराष्ट्र में इस समय प्याज की क्वालिटी बेहतर बताई जा रही है, इसका मुख्य कारण ग्रेडिंग व्यवस्था है। बाजार विशेषज्ञ बताते हैं कि इस समय प्याज की कीमत कुल मिलाकर ग्रेडिंग पर निर्भर कर रही हैं। Onion Price

FAQ या बेहतर ग्रेड की प्याज को अपेक्षाकृत ऊंचे दाम मिल रहे हैं, जबकि नमी ज्यादा होने, साइज छोटा होने या गुणवत्ता कमजोर रहने पर वही प्याज Non-FAQ ग्रेड में चली जाती है, जिससे भाव गिर जाते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बेहतर ग्रेडिंग ग्रेड का प्याज निर्यात में जा रहा है वहीं Non-FAQ ग्रेड का प्याज लोकल सप्लाई में पहुंच रहा है, इससे भाव में अंतर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी 2026 में प्याज के भाव में ओर सुधार होने की संभावना है। Onion Price

जानिए, प्याज की डिमांड क्यों गिरी

महाराष्ट्र की लासलगांव प्याज मंडी एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी है। इसके बाद नंबर आता है अलवर की लाल प्याज वाली मंडी का। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस साल अलवर के प्याज की डिमांड नहीं है। Onion Price

इसका कारण यहां के प्याज में नमी होना, इस कारण इसे स्टॉक नहीं किया जाता है। जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्याज को महीनों तक स्टॉक किया जा सकता है। वहीं, पाकिस्तान, बांग्लादेश में भी प्याज की सप्लाई लगभग बंद है। इसलिए यहां के प्याज की डिमांड नहीं है। हालांकि बांग्लादेश में प्याज की कुछ सप्लाई होने से महाराष्ट्र में अच्छी ग्रेड के प्याज के भाव में सुधार हुआ है। Onion Price

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