फसल बीमा योजना के तहत Rabi Crop Insurance करवाने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है वहीं योजना में किसानों को अब यह लाभ भी मिलेंगे..
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Rabi Crop Insurance | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसलों के नुकसान होने पर बीमा कवर दिया जाता है। इस योजना के अंतर्गत बीमा करवाने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। खास बात यह है की अब जल जमाव और पशुओं से होने वाले नुकसान को भी योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नए प्रावधान क्या है एवं अंतिम तिथि के बारे में जानिए..
इस तारीख तक करवा सकेंगे फसल बीमा
रबी विपणन वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसलों का बीमा कराने हेतु पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रबी मौसम में सभी अनाज, दलहन, तिलहन फसल हेतु बीमित राशि का अधिकतम 1.5 प्रतिशत मात्र प्रीमियम कृषक भाईयों द्वारा देय है। Rabi Crop Insurance
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की हैकी फसल बीमा करवाने के लिए ऋणी कृषकों ने जिस बैंक से फसल ऋण लिया है वह उस बैंक में अपना बीमा करवायें। जबकि अऋणी कृषक, 15 जनवरी तक किसान क्रेडिट कार्ड पर फसल ऋण प्रदायकर्ता बैंको, सहकारी समितियों तथा अऋणी किसान बैंक, जन सेवा केंन्द्र (सीएससी), ग्राम पंचायत स्तर पर जन सेवा केंन्द्र के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। Rabi Crop Insurance
बीमा कराने के लिए कृषकों को घोषणा पत्र, आधार कार्ड, जमीन सिकमी होने पर इसका शपथ पत्र, ऋण पुस्तिका, बैंक खाते का विवरण, बुवाई प्रमाण पत्र लेकर जाना होगा। बीमा योजना रबी वर्ष 2025-26 के तहत किसानों को सिंचित गेहूं हेतु 36 हजार 350 रूपये की बीमित राशि हेतु 545.25 रूपये का प्रीमियम देना होगा। Rabi Crop Insurance
जबकि असिंचित गेहूँ हेतु 26 हजार 250 रूपये की बीमित राशि हेतु 393.75 रूपये, चना हेतु 38 हजार 850 रूपये की बीमित राशि हेतु 582.75 रूपये, मसूर हेतु 28 हजार 350 रूपये की बीमित राशि हेतु 425.25 रूपये, राई व सरसों हेतु बीमित राशि 26 हजार 850 रूपये हेतु 402.75 रूपये एवं अलसी हेतु बीमित राशि 20950 रूपये हेतु 314.25 रूपये का प्रीमियम देना होगा। Rabi Crop Insurance
2026 से किसानों को मिलेगी यह सुविधा
फसल बीमा योजना में अब जंगली जानवरों के हमले और खेतों में जलभराव से होने वाले नुकसान को भी बीमा कवर में शामिल किया जाएगा। यह सुविधा 2026 से मिलना शुरू हो जाएगी। अभी तक ऐसे नुकसान बीमा में शामिल नहीं होने से बड़ी संख्या में किसान मुआवजे से बाहर रह जाते थे। नई व्यवस्था के तहत नुकसान होने पर किसान को 72 घंटे के भीतर सूचना देना जरूरी होगा। Rabi Crop Insurance
यह सूचना मोबाइल ऐप के जरिए जियो-टैग फोटो के साथ दर्ज करनी होगी। जंगली जानवरों से फसल क्षति का कवर राज्यों की मंजूरी से एड-ऑन के रूप में लागू किया जाएगा। इसके लिए नुकसान का आकलन व्यक्तिगत स्तर पर किया जाएगा। धान समेत कुछ फसलों में जलभराव को स्थानीय आपदा मानते हुए मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
यह सुविधा उन्हीं राज्यों में लागू होगी, जो फसल बीमा योजना को अपनाते हैं। सरकार का मानना है कि इससे वास्तविक नुकसान झेलने वाले किसानों को समय पर राहत मिल सकेगी। Rabi Crop Insurance
फसल बीमा योजना के तहत किए गए नए प्रावधानों के अंतर्गत जंगली जानवरों के हमले से फसल के नुकसान को अब लोकल रिस्क कैटेगरी के तहत पांचवें ऐड-ऑन कवर के रूप में मान्यता दी जाएगी। जबकि, धान में बाढ़ को लोकल आपदा के तहत फिर से शामिल किया गया है। Rabi Crop Insurance
राज्य फसल को नुकसान पहुंचाने वाले नीलगाय, रोजड़ा, जंगली सुअर, हिरण, बंदर या हाथी जैसे जानवरों की सूची जारी करेंगे और ऐतिहासिक डेटा के आधार पर कमजोर जिलों या बीमा इकाइयों की पहचान करेंगे।
किसान को अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा
योजना के अंतर्गत किए गए बदलाव के पश्चात जंगली जानवरों से फसल नुकसान का बीमा एड-ऑन कवर होगा, जिसका प्रीमियम अतिरिक्त रहेगा और इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। किसान से इसके लिए अलग से प्रीमियम नहीं लिया जाएगा। Rabi Crop Insurance
नुकसान की सूचना देने के बाद बीमा कंपनी द्वारा व्यक्तिगत प्लॉट स्तर पर आकलन किया जाएगा, न कि पूरे गांव या यूनिट के आधार पर। सत्यापन में राज्य सरकार के राजस्व और कृषि अमले की भूमिका होगी। आकलन और मंजूरी पूरी होने के बाद तय समय सीमा में सीधे किसान के खाते में मुआवजा देने का प्रावधान रखा गया है।
किसानों को मिलेगा यह फायदा
मध्यप्रदेश में यह व्यवस्था सबसे ज्यादा धान उत्पादक और वन्यजीव प्रभावित आएगी। प्रदेश में धान का रकबा करीब इलाकों के किसानों के लिए राहत लेकर 15 से 16 लाख हेक्टेयर है, जिसमें प्रमुख रूप से बालाघाट, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सिंगरौली, रीवा और सीधी जिले शामिल हैं। इन जिलों में बारिश के दौरान खेतों में जलभराव से हर साल बड़े पैमाने पर नुकसान होता है। Rabi Crop Insurance
जंगली जानवरों से नुकसान की बात करें तो बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और सिवनी में हाथी और जंगली सुअर, नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन में नीलगाय, जबकि शहडोल, उमरिया, सीधी और सिंगरौली में जंगली सुअर और हिरण फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
धार के किसान रोजाड़ा से परेशान हैं। कई इलाकों में बंदरों से भी दलहन और सब्जी फसलों को भारी क्षति होती है। Rabi Crop Insurance
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