पाले से फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को सलाह..

भयंकर शीतलहर में पाले से फसलों को किस प्रकार बचाया (Crop Protection) जाए, आइए कृषि विशेषज्ञों से जानते हैं…

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Crop Protection | शीतलहर के दौरान पढ़ने वाले पाला फसलों को काफी नुकसान पहुंचता है। किसान भाईयों को कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों पाले से फसलों की सुरक्षा एवं सर्तकता हेतु सलाह दी है कि पाले से फसलों के बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपाय तत्काल किए जाएं क्योंकि वर्तमान में शीतलहर चल रही है ऐसी दशा में कभी भी पाला गिर सकता है।

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि पाले का पूर्वानुमान यह है कि जिस दिन आकाश पूर्णतया साफ हो और वायु में नमी की अधिकता हो‌, उस दिन पाला गिरने की संभावना सबसे अधिक रहती है। पाले से बचाव के लिए कौन-कौन से उपाय करने होंगे आइए जानते हैं..

कब गिरता है पाला

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक कड़ाके की सर्दी हो, सायंकाल के समय हवा में तापमान ज्यादा कम हो एवं भूमि का तापमान शून्य डिग्री सेंटीग्रेट अथवा इससे कम हो जाए, ऐसी स्थिति में हवा में विद्यमान नमी जल वाष्प संघनीकृत होकर ठोस अवस्था में (बर्फ) परिवर्तित हो जाता है। Crop Protection

इसके साथ ही पौधों की पत्तियों में विद्यमान जल संघनित होकर बर्फ के कण के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं जिससे पत्तियों की कोशिका भित्ती क्षतिग्रस्त हो जाती है जिससे पौधों की जीवन प्रक्रिया के साथ-साथ उत्पादन भी प्रभावित होता है।

पाला से बचाव के उपाय

कृषि विशेषज्ञ के अनुसार पाला से बचाव के उपाय-पाला पड़ जाने पर नुकसान की संभावना अत्यधिक होती है। ऐसी स्थिति में किसान भाई पाला गिरने के पहले ही निम्नानुसार सावधानी अपना कर फसलों को बचा सकते हैं। पाले की संभावना पर रात में खेत में 6-8 जगह पर धुआं करना चाहिए। Crop Protection

यह धुआं खेत में पड़े घास-फूस अथवा पत्तियां जलाकर भी किया जा सकता है। यह प्रयोग इस प्रकार किया जाना चाहिए कि धुआं सारे खेत में छा जाए तथा खेत के आसपास का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक आ जाए। इस प्रकार धुआं करने से फसल का पाले से बचाव किया जा सकता है।

खेत में करें हल्की सिंचाई

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि पाले की संभावना होने पर खेत की हल्की सिंचाई कर देना चाहिए। इससे मिट्टी का तापमान बढ़ जाता है तथा नुकसान की मात्रा कम हो जाती है। सिंचाई बहुत ज्यादा नहीं करनी चाहिए तथा इतनी ही करनी चाहिए जिससे खेत गीला हो जाए। Crop Protection

इसके साथ-साथ रस्सी का उपयोग भी पाले से काफी सुरक्षा प्रदान करता है। इसके लिए दो व्यक्ति सुबह-सुबह (जितनी जल्दी हो सके) एक लंबी रस्सी को उसके दोनों सिरों से पकड़ कर खेत के एक कोने से लेकर दूसरे कोने तक फसल को हिलाते चलना है। इससे फसल पर रात का जमा पानी गिर जाता है तथा फसल की पाले से सुरक्षा हो जाती है।

पाला नियंत्रण के रासायनिक उपाय

कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि रसायन से पाला नियंत्रण वैज्ञानिकों द्वारा रसायनों का उपयोग करके भी पाले को नियंत्रित करने के संबंधी प्रयोग किए गए हैं। उदाहरणार्थ- घुलनशील सल्फर 0.3 से 0.5 प्रतिशत का घोल (3 से 5 एम.एल./ली. पानी के साथ घुलनशील सल्फर 0.3 से 0.5 प्रतिशत बोरान 0.1 प्रतिशत घोल (3 से 5 एम.एल./ली. +1 एम.एल. पानी के साथ) Crop Protection

गंधक के एक लीटर तेजाब को 1000 लीटर पानी में मिलाकर छिड़कने से लगभग दो सप्ताह तक फसल पाले के प्रकोप से मुक्त रहती है। रसायनों विशेषतया गंधक के तेजाब का उपयोग अत्यंत सावधानीपूर्वक तथा किसी कृषि विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए।

उपरोक्त में से कोई भी एक घोल बनाकर छिड़काव करके फसल को पाले से बचाया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए आपके क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं तकनीकी सलाह हेतु नजदीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क करें। Crop Protection

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