प्याज की खेती और अन्य फसलों के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण सलाह (Rabi Season Advise) जारी की है आईए जानते हैं पूरी डिटेल..
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Rabi Season Advise | वैसे तो और रबी सीजन में सबसे अधिक गेहूं, सरसों, मसूर एवं चना की खेती होती है। इसके अलावा नगदी फसलों के रूप में किसान लहसुन एवं प्याज की खेती भी करते हैं। रबी मौसम में सब्जी उत्पादकों के लिए प्याज एक अहम नकदी फसल है।
सही समय पर रोपाई, संतुलित दूरी और समय रहते रोग-कीट प्रबंधन से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर की जा सकती है। रबी सीजन में प्याज की खेती एवं अन्य फसलों के लिए कृषि वैज्ञानिक समय-समय पर सलाह जारी करते रहते हैं। इसी परिपेक्ष में पूसा नई दिल्ली के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह जारी की है आईए जानते हैं पूरी डिटेल..
प्याज की खेती के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने दी यह सलाह
पूसा दिल्ली के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए अहम सलाह जारी की है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे प्याज की रोपाई 15 जनवरी तक जरूर पूरी कर लें, ताकि फसल को अनुकूल तापमान और बढ़वार का पूरा समय मिल सके। Rabi Season Advise
रबी मौसम के लिए पूसा व्हाइट राउंड, पूसा माधवी, व्हाइट फ्लैट, पूसा रेड, अर्ली ग्रेनो, पूसा रतनार, एन-2-4-1 और एग्रीफाउंड लाइट रेड प्रमुख किस्में मानी जाती हैं।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक पहाड़ी क्षेत्रों में ब्राउन स्पैनिश और अर्ली ग्रेनो बेहतर परिणाम देती हैं। रोपाई के लिए 7-8 हफ्ते पुरानी स्वस्थ पौध का चयन करें। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 15 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखें, ताकि बल्ब का विकास समान रूप से हो सके। Rabi Season Advise
खरपतवार नियंत्रण के लिए यह करें
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि प्याज की फसल में शुरुआती अवस्था में खरपतवार बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में किसान रोपाई के दो से तीन दिन बाद पेण्डीमेथिलीन 3.5 लीटर मात्रा को 800-1000 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। ध्यान रहे कि यह छिड़काव सिंचाई से पहले किया जाए ताकि दवा का प्रभाव लंबे समय तक बना रहे। Rabi Season Advise
रोग नियंत्रण के लिए यह करें
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस मौसम में समय से बोई गई प्याज की फसल में थ्रिप्स का प्रकोप तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित निरीक्षण करते रहें और प्रारंभिक अवस्था में ही नियंत्रण उपाय अपनाएं। साथ ही परपल ब्लोच रोग पर भी नजर रखना जरूरी है। रोग के लक्षण दिखाई देने पर डाइथेन एम-45 को 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में किसी चिपकने वाले पदार्थ जैसे टीपोल 1 ग्राम प्रति लीटर के साथ मिलाकर छिड़काव करें। Rabi Season Advise
अन्य रबी फसलों के लिए भी सलाह जारी की
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि प्याज की फसल समय पर रोग नियंत्रण से पत्तियों की हरियाली और बल्ब का आकार सुरक्षित रहता है। प्याज की फसल के साथ-साथ कृषि वैज्ञानिकों ने अन्य फसलों के विषय में सलाह जारी करते हुए कहा कि देर से बोई गई सरसों की फसल में विरलीकरण और खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें। मौसम को देखते हुए सफेद रतुआ रोग और चेपा कीट की नियमित निगरानी जरूरी है। Rabi Season Advise
किसान चने की फसल में फली छेदक कीट की निगरानी के लिए 3-4 फीरोमोन प्रपंश प्रति एकड़ लगाएं और खेत में टी आकार के पक्षी बसेरे स्थापित करें। गोभीवर्गीय फसलों में हीरा पीठ इल्ली, मटर में फली छेदक और टमाटर में फल छेदक की निगरानी के लिए भी 3-4 फीरोमोन प्रपंश प्रति एकड़ उपयोगी हैं।
इस समय तैयार बंदगोभी, फूलगोभी और गांठगोभी की रोपाई मेड़ों पर की जा सकती है। इसके अलावा पालक, धनिया और मेथी की बुवाई के लिए भी यह समय अनुकूल है। किसान पत्तों की बढ़वार के लिए 20 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ छिड़क सकते हैं। Rabi Season Advise
आलू और टमाटर में झुलसा रोग के उपाय
किसानों को सलाह है कि वे आलू और टमाटर में झुलसा रोग की सतत निगरानी करें। लक्षण दिखने पर कार्बेंडाजिम 1 ग्राम या डाइथेन एम-45 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। Rabi Season Advise
मटर की फसल पर 2 प्रतिशत यूरिया घोल का छिड़काव करने से फलियों की संख्या बढ़ती है। वहीं, कद्दूवर्गीय सब्जियों की अगेती फसल के लिए पौध तैयार करने के लिए बीजों को छोटी पॉलिथीन थैलियों में भरकर पॉलीहाउस में रखें।
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