क्या है एकमुश्त समझौता योजना (Ekmust samjhauta Yojana) और कैसे किसान उठा सकते हैं इसका फायदा? आइए जानते है इसके बारे में सबकुछ।
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Ekmust samjhauta Yojana | किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। राज्य सरकार की ओर से किसानों के हित में एकमुश्त समझौता योजना 2025 चलाई जा रही है। इसके तहत किसानों को उनके द्वारा लिए गए ऋण जो अवधिपार हो चुके हैं, उन्हें चुकाने का मौका दिया जा रहा है। साथ ही किसानों को राहत प्रदान करने के लिए ब्याज शत–प्रतिशत माफ किया जा रहा है। यह ब्याज सरकार खुद अपनी जेब से चुकाएगी।
ऐसे में यह योजना (Ekmust samjhauta Yojana) किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। एक तो ऋण चुकाने के बाद किसान दुबारा बैंक से नया ऋण ले सकेंगे तो दूसरी ओर उन्हें ब्याज माफी का फायदा भी होगा। ऐसे में यह योजना राज्य के किसानों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है।
खास बात यह है कि अब इस योजना की अवधि को भी बढ़ा दिया गया है जिससे किसान इस योजना का लाभ 30 सितंबर 2025 तक उठा सकते हैं। अब आपके मन में यह सवाल उठता होगा कि, क्या है एक मुश्त समझौता योजना और इससे किसानों को कैसे फायदा मिलेगा। तो आइए आर्टिकल में जानते हैं इसके बारे में सबकुछ…
एकमुश्त समझौता योजना क्या है?
मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना (Ekmust samjhauta Yojana) उन किसानों के लिए है, जिन्होंने भूमि विकास बैंकों से दीर्घकालीन ऋण लिया है, लेकिन समय पर भुगतान नहीं कर पाए हैं और उनके ऋण अवधिपार श्रेणी में पहुंच चुके हैं।
इस योजना के तहत किसानों को केवल मूलधन और बीमा प्रीमियम की राशि जमा करनी होती है। ब्याज, ब्याज पर पेनल्टी और वसूली खर्च को शत-प्रतिशत माफ किया जाता है। योजना का उद्देश्य किसानों को ऋण भार से मुक्त कराना और उनकी भूमि की पुनः मुक्त कराना है।
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सरकार ने इसलिए बढ़ाई योजना की अंतिम तारीख
दरअसल राजस्थान सरकार ने प्रदेश के किसानों के हित में एक बड़ी राहत की घोषणा की है। “मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना (Ekmust samjhauta Yojana)” की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 30 सितंबर 2025 कर दी गई है। पहले यह योजना 30 जून 2025 तक लागू थी, लेकिन अधिक किसानों भागीदारी और लंबी कतारों को देखते हुए इसे तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।
इससे हजारों ऐसे किसान लाभान्वित हो सकेंगे जो पूर्व निर्धारित Ekmust samjhauta Yojana अंतिम तिथि तक आवेदन नहीं कर पाए थे। यह निर्णय राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक द्वारा घोषित किया गया, जो किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। योजना का उद्देश्य है कि अवधिपार ऋणों से जूझ रहे किसानों को राहत देकर उन्हें फिर से मुख्यधारा में लाया जा सके ताकि वे पुन: बैंक से ऋण प्राप्त करने के अधिकारी हो सकें।
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Ekmust samjhauta Yojana को लेकर किसानों में भारी उत्साह
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई यह किसान ऋण राहत योजना बेहद सफल साबित हो रही है। इस योजना को लेकर प्रदेश के किसानों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सहकारिता मंत्री के मुताबिक 30 जून 2025 तक योजना के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
राज्य के सहकारी भूमि विकास बैंकों में उस दिन इतनी भीड़ उमड़ी कि पोर्टल पर रात तक रसीदें कटती रहीं। मंत्री ने बताया कि भारी संख्या में किसानों के प्रयासों के बावजूद कई ऋणी सदस्य योजना (Ekmust samjhauta Yojana) का लाभ नहीं ले पाए, जिसके चलते सरकार ने अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया।
अब तक इतने किसानों को मिला योजना का लाभ
अब तक योजना (Ekmust samjhauta Yojana) के तहत 30,007 पात्र ऋणियों में से 7,500 से अधिक किसानों को 130 करोड़ रुपए का ब्याज राहत के रूप में माफ किया जा चुका है। इससे इन किसानों ने अपनी रहन रखी भूमि को मुक्त कराया है और एक बार फिर स्वतंत्र खेती की ओर लौटे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से किसानों को दीर्घकालीन कृषि और अकृषि निवेश ऋण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य के 36 प्राथमिक भूमि विकास बैंकों को ऋण वितरण लक्ष्य भी दिए गए हैं।
किन किसानों को मिल रहा योजना का लाभ
यदि आप राजस्थान के किसान है और आप भी भूमि विकास बैंक के अवधिपार ऋणी हैं, तो यह सुनहरा अवसर है। आप “एकमुश्त समझौता योजना (Ekmust samjhauta Yojana)” का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत आपको केवल मूलधन और बीमा प्रीमियम जमा करना है, जबकि राज्य सरकार आपका पूरा ब्याज और अन्य ब्याज पर लगने वाली पेनल्टी को माफ कर रही है। इस योजना से न केवल आपकी भूमि मुक्त होगी, बल्कि आप भविष्य में फिर से कृषि और निवेश ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र हो जाएंगे।
नए किसान कैसे उठाएं योजना का लाभ
राजस्थान के जो किसान अवधिपार ऋणी हैं और अब तक योजना (Ekmust samjhauta Yojana) का लाभ नहीं ले पाए हैं, वे 30 सितंबर 2025 तक न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि जमा कर योजना का हिस्सा बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने संबंधित भूमि विकास बैंक शाखा से संपर्क करना होगा। पात्र किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते योजना का लाभ उठाएं।
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Kin kisanon ko aur kab tak milega
इस तरह की योजना मध्यप्रदेश में भी चल रही है। प्रदेश के लाखों किसान प्रदेश की पूर्व कमलनाथ सरकार की किसान कर्ज माफी योजना जो लागूं नहीं होने से डिफाल्टर है और उनका क़र्ज़ मूल राशि से अधिक हो गया है।