लहसुन की नई वैरायटी कालीसिंध सुपर G 7 Kalisindh Super Garlic Variety के बारे में आईए जानते हैं पूरी डिटेल..
G 7 Kalisindh Super Garlic Variety | मानसून की शुरुआत के 2 महीने तक मध्य प्रदेश के कई जिलों में पर्याप्त वर्षा नहीं हो पाई थी, जिसके चलते किसानों को यह चिंता सताने लगी थी कि आगामी रबी सीजन की फसलों की खेती कैसे होगी, लेकिन अब अगस्त एवं सितंबर माह में बारिश के दौर ने किसानों की इस चिंता को खत्म कर दिया है।
प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, इसके पश्चात अब कुएं, तालाब एवं जलाशय भर गए हैं, जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने लगी है। इससे उत्साहित किसान रबी फसलों की तैयारी में जुटने लगे हैं। G 7 Kalisindh Super Garlic Variety
मध्य प्रदेश की बात की जाए तो यहां पर रबी सीजन में प्रमुख रूप से गेहूं व चना के साथ-साथ प्याज, लहसुन एवं आलू की फसल बोई जाती है। प्रदेश के पश्चिमी जिलों में लहसुन की खेती अधिक होती है। लहसुन की खेती करने वाले किसानों के लिए लहसुन की नई G 7 काली सिंह सुपर वैरायटी अच्छा फायदा देने वाली साबित होगी। यह वैरायटी रोग प्रतिरोधी है, इस वैरायटी के बारे में आइए जानते हैं सब कुछ..
लहसुन G-7 कालीसिंध सुपर वैरायटी की विशेषताएं
लहसुन की यह वैरायटी अपने रोग प्रतिरोधी क्षमता क्षमता के कारण किसानों के बीच लोकप्रिय हो गई है। उच्च उत्पादन क्षमता एवं रोग प्रतिरोधी होने के कारण किसानों को इस वैरायटी से अच्छा फायदा मिलता है।
कृषि वैज्ञानिक के मुताबिक G 7 Kalisindh Super Garlic Variety वैरायटी भंडारण के लिए भी उपयुक्त मानी जाती है।लहसुन की G-7 कालीसिंध सुपर वैरायटी का भंडारण काफी लंबे समय तक किया जा सकता है, इसे 10 महीने तक भंडारण करने पर भी खराब नहीं होती है।
रोग प्रतिरोधी एवं उच्च उत्पादन क्षमता
लहसुन की फसल में रोग लगने की संभावना सबसे अधिक रहती है यही कारण है कि लहसुन की परंपरागत किस्मों की रोग प्रतिरोधी क्षमता कमजोर होने के कारण इन किस्मों की बुवाई से अधिक पैदावार नहीं मिल पाती। लेकिन इसके विपरीत लहसुन G-7 कालीसिंध सुपर वैरायटी G 7 Kalisindh Super Garlic Variety थ्रीप्स, जड़गलन, झुलसा रोग, जलेबी रोग के प्रति उच्च सहनशील है। रोग प्रतिरोधी होने के कारण इसकी उत्पादन क्षमता भी उच्च रहती है।
बुवाई का समय एवं उत्पादन
थ्रीप्स, जड़गलन, झुलसा रोग, जलेबी रोग के प्रति उच्च सहनशील G-7 कालीसिंध सुपर लहसुन किस्म G 7 Kalisindh Super Garlic Variety को किसान साथी 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच बोल सकते हैं। लहसुन की यह वैरायटी प्रति बीघा 24 क्विंटल तक के पैदावार दे सकती है।
बुवाई, अवधि, बीज दर, सिंचाई, पैदावार, भंडारण सहित प्रमुख विशेषता एक नजर में –
G-7 कालीसिंध सुपर लहसुन किस्म का बुवाई समय :- 15 अक्टूबर से 15 नवंबर।
फसल अवधि :- 120 से 125 दिन।
बीज दर : – 130 kg से 140 kg प्रति बीघा
सिंचाई :- 6 से 8 सिंचाई में परिपक्वता
उत्पादन :– 18 से 24 क्विंटल प्रति बीघा
प्रमुख विशेषता :– लहसुन की इस वैरायटी की प्रमुख विशेषता यह भी है कि लहसुन का एक सामान आकर बनना जिससे उत्पादन अच्छा मिलना ओर किसानों को अधिक मुनाफा मिलना है। G 7 Kalisindh Super Garlic Variety
भंडारण :- लहसुन की G-7 कालीसिंध सुपर वैरायटी का भंडारण काफी लंबे समय तक किया जा सकता है, इसे 10 महीने तक भंडारण करने पर भी खराब नहीं होती है।
G-7 कालीसिंध सुपर लहसुन का बीज कहां मिलेगा
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श्री गायत्री ट्रेडर्स, उज्जैन
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