जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने उड़द की 2 नई किस्मों (New Urad Varieties) को विकसित किया है। आइए जानते है इनके बारे में।
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New Urad Varieties | दलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। दलहन में उड़द फसल की खेती किसानों को बंपर मुनाफा कराएगी। दरअसल, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने उड़द की दो नई प्रजातियां (पंत उड़द-13 और पंत उड़द-14) विकसित की हैं। ये किस्में दलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों की आर्थिकी सुधारने में मददगार होगी।
बता दें कि देश के 70 कृषि विश्वविद्यालयों से विकसित 5 प्रजातियां पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों को समर्पित की है, जिनमें से तीन प्रजातियां पंत चना-10, पंत मसूर-14 और पंत मटर-484 पंतनगर विश्वविद्यालय से ही विकसित हुई है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने उड़द की दो नई प्रजातियां विकसित की हैं। ये किस्में (New Urad Varieties) दलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों की आर्थिकी सुधारने में मददगार होगी।
22 फीसदी तक मिलेगी ज्यादा उपज
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. एमके वर्मा, डॉ आरके पंवार और डॉ अंजू अरोरा ने इन प्रजातियों को विकसित किया है।
उड़द की इन दो किस्मों (New Urad Varieties) को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र के अलावा असम सहित अन्य उत्तर पूर्वी राज्यों में उगाए जाने के लिए जारी किया गया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ये प्रजातियां 22 फीसदी तक अधिक उपज दे सकती हैं। ये विभिन्न रोग व कीट प्रतिरोधी भी हैं।
क्या है इन दोनों किस्मों की खासियत?
पंत उड़द-13 (पीयू 1920) ने उत्तरी पवर्तीय क्षेत्रों में लगातार तीन वर्षों तक उपज परीक्षणों मे मानक प्रजातियों उत्तरा, पंत उड़द-31 और पंत उड़द-10 से क्रमश: 16.44, 11.34 और 22.15 फीसदी तक अधिक उपज दी है। New Urad Varieties
पंत उड़द-14 (पीयू 1921) ने क्रमश: 10.96, 6.09 और 16.39 फीसदी अधिक उपज दी. दोनों प्रजातियों की औसत उपज 12-15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही। इनकी परिपक्वता अवधि 80-85 दिन है।
पंत उड़द-13 के सौ दानों का वजन 4.6 ग्राम, जबकि पंत उड़द-14 के सौ दानों का भार 4.8 ग्राम है। ये प्रजातियां पीला मोजेक विषाणु, चूर्णिल फफूंद, सफेद मक्खी, फली बेधक कीट, थ्रिप्स व मारूका कीट के लिए प्रतिरोधी है। New Urad Varieties
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मैं कालूराम भारती
गांव शोप तह. अलीगढ़ जिला टोंक राजस्थान से
मैं हर साल उड़द की फसल 3 हैक्टेयर भूमि पर बूआई करता हूं लेकिन फसल पकते पकते पीला रोग लग जाता है ओर पैदवारी कम मात्रा में होती है उपचार बताएं
और अच्छा किस्म का उड़द बीज हो तों बतायें जो अच्छी पैदावार दें सके
कालू राम भारती सोप अलीगढ़ जिला टोंक राजस्थान मो. 9829586213
पिनकोड 304023
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